लिखि लिखाई

 

तेरा तुझको, आन मिले तो

मेहर कहाँकी, क्योंकर है

कौन किसको दे ओ बंदे

नियत वोही जो नज़र दिसे

 

अपने अपने लेखा लेकर

आये हैं जो इस जगमें

लेन-देनके रूप निराले

देख सके तो निहार ले

 

अपनी मरजी चले कहाँ

भाग्य अपना ढूंढे कहाँ

कोई ना जाने पल नये

बात किसकी कब बने

 

Music now playing "Karma"

Quietude Midis from Dolphins Dream

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