मैं तो समय हूँ

 

अनंत कालका राही हुँ

कल आज और कलका

 कोई भी अंतर ना जानुँ

हर पलका मैं साक्षी रहुँ

 

कोई मुझे अपना सोचे

लाख विनवे ठहर जाने

कोई मुझे दुश्मन माने

आँख चुराके बचना चाहे

 

फिरभी मैं तो निर्मोही हूँ

जो कुछ, होनी हो न हो

शीशा है निज करम लेख

जिसमें हाल विधान दिखे

 

मैं तो सिर्फ समय हूँ

अविरत मैं चलता चलुं

चाहे राही या राह बदले

मैं बेबस निकल चलुं

 

मैं समय हूँ, समय हूँ

मैं तो.... समय.... हूँ

 

Background "big1751.jpg" taken from

http://www.backgroundsgiant.com

 

 

Page views

Free Counter
Free Counter
.