नसीबा

 

हर कोई खुश किस्मत हो तो

दुर्भागी को कहेलाये

हर पल जो हमजोली हो तो

तनहाई को कहेलाये

 

हर दिलोंकी बात बने तो

निष्फल को कहेलाये

हर सांसोकी आस भरे तो

निराश को कहेलाये

 

हर जीवन निहाल बने तो

तापित को कहेलाये

हर विनतीका मान रहे तो

मनसा को कहेलाये

 

हर कोई जो नामी बने तो

अनाम को कहेलाये

हर चाहतके सपन सजे तो

दैव दाह को कहेलाये

 

हर नाम शुभनाम बने तो

अशुभ को कहेलाये

हर कोई जो पवित्र हो तो

पापी जन को कहेलाये

 

हर कोई जो खास बने तो

आम जन को कहेलाये

हर कोई आबाद बने तो

अभिलाषि को कहेलाये

 

हर जीवन जो मधुर बने तो

दुर्दशा को कहेलाये

हर जीत करमसे मिलती तो

नसीबा को कहेलाये

 

Music now playing "Natures lament"

Quietude Midis from Dolphins Dream

http://d21c.com/dolphinsdream/quietude.html

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Background "big1649.jpg" taken from

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