एक पहेली

 

कभी तुम्हारी दुर्दशा

और बेबसी देख

किसीने सहानुभूति

तो बहुधा तिरस्कार

किया होगा

लेकिन न जाने क्युं

इस बात न सोची

हर कोई जगमें

सुख-शांति सभर

फूलों जैसा महकता

प्यारा सा जीवन

चाहता है

तो फिर तुम कभी

दुःखकारी कंटक भरी

राहपे क्योंकर

चल पडे होंगे

और बेरहम

चुभन दर्दसे लगाव

किया होगा

लेकिन ऎ दोस्त

मैंने मनकी आँखोसे

पढ लिया है

वो अनलिखा पन्ना

और समझली

अनकही सारी बातें

ईश्वरसे विनति करुं

वापसीका सुंदर पथ

खुशहाल हो और

आजका नया सवेरा

नयी उम्मीद लिये

आपका स्वागत करो

तुम्हें दिलसे अनेक

शुभेच्छा सह

बहुत बधाई हो

 

Music now Playing "I have been Lonely"

Composed & Played by John Torp

http://www.johntorpmusic.se

Used with Permission

Background by John Torp

 

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