
अनजान सी बातें
ज़िन्दगीकी राहमें
चलते चलते
कई मुकाम
आ जाते हैं
कुछ प्यारा सा
मनोहर खुशनसीब
जिसकी याद भी
दिलको बहलाये
ऐसा लगने लगे
काश ये समा
कायम साथ
करें तो अच्छा
और ये मीठे पल
खुश होकर
अपना जीवन
खुशहाल बनाय
लेकिन अकसर
हक़ीकत कठोर
और दुःखदायी
होती है
अचानक एक दिन
पलक झपकते
सुहाना समय
मुँह फेर लेता है
लाख सोचने पर भी
परेशान मनको
कारण कुछ भी
नज़र नहीं आय
अनगिनत सवाल
हर पल सताय
पर जिसका जवाब
ढूंढ न पाय
आखिर ऎसा क्यों
क्या है खता
सो नाराज़ होकर
चल दिया
सज़ा देना शायद
मुनासिब सोचा तो
आपकी जो मरजी
मैं लाचार रहूँ
कैसी अजब बात
न कोई सुनवाई
न माफीका मौक़ा
नसीबने सज़ा दे दी
प्रभुजी विनति है
मेहर कर आप
कसूर जताके
उलझन सुलझावो
और
हमरी पीड़ा हरो
Music now Playing "Sadness"
Composed & Played by John Torp
Used with Permission
Background by John Torp
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