बेचारा बेहाल दिल

 

सदैव मन मरजी करना चहे

तब ना जाने क्या कुछ करे

तोभी सब आस विफल बने

और नाहक ज़िदमें व्यग्र रहे

 

कभी अचानक न जाने क्युं

किसी पर दिल ही दिल में

जब मरने लगे तब खुशीसे

जान निछावर करने तैयार

 

तो किसी पर खुनस खाके

निष्कारण बेहद जुल्म करे

और सब रिश्ता रीति हया

छोड दुर्व्यवहार करने लगे

 

शायद एक अरसेके पश्चात

जो भुल समझमें आये तो

पछतावासे बेचैन होने पर

माफी माँगे पर चैन कहाँ

 

अतिरिक्त अजब सा हाल

अपने या किसी भी रूप

जुडे संबंध निर्वाह करने

बहुत कुछ बरदास्त करे

 

पर सहन शक्तिसे ज्यादा

कोई नाहक परेशान करे

तो जरूरी प्रतिक्रिया करे

या नाराज़गी विमुख करे

 

बेचारे ये दिलका मामला

मानो बहुत ही नाजुक है

स्वेच्छासे भारी घाव सहे

परंतु दबाव साफ नकारे

 

ऐसे ही घनिष्ठ प्यार भी

कोई कारण पलमें मिटे

तब ये टूटे दिलके तार

फिर कभी ना जुड सके

 

 

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