

जीभर जी ले जो नसीब
मनवा अगर चैनसे जीना है तो
ना सोचना किसे क्यों कब क्या
सहसा मिल गया देखा था मैने
फिर ऐसा भाग्य क्युं नहि मेरा
यह जलन ताप है खुद नादानी
उससे मुक्ति पाये जो है सुजान
और नसीबसे जो भी जब पाये
खुश हो कर वो पल खूब जीये
जो मधुर यादोंका खजाना भरे
ताकि जब चाहे फिर वो समाँ
जीनेका अनमोल आनंद संभवे
और कठीन दिन साहसी जीये
अगर कोई शांतिसे विचार करे
तो जीवन सच सार तुरंत देखे
यहां हर कोई जो पाये न पाये
सिर्फ निज विधि विधान ही है
सो जिसके लिये जो है लिखा
वैसा वक्त आते ही विधाता दे
और जीवनमें निर्धार खुशी दें
जिसे कोई कभी छीन न सके
परंतु जो नहि लिखा नसीबमें
भले कितनी ही आस महेनत
और तरस-तडफ तनाव जिये
लेकिन मात्र नाहक दशा दिसे
यह सत्य बात सदैव याद रहे
खुशीयोंकी उम्र शायद है छोटी
सो न जाने पलक-झपकते ही
गायब हुवे जो त्वरित ना ग्रहे
और कभी भी वापस ना आये
सो बडी खुशीकी राह ताकनेमें
आजकी अल्प खुशी संयोगको
अपने ही हाथ खोना गलत है
क्योंकि बादमें अपने दुःखकर
जीवनका कारण स्व भूल रहे
जब सोचे ईश्वर किसिके प्रति
कायम सिर्फ बेरहम होते नहि
खुशी छोटी या बडी होती नहि
पर फक्त मनोरथ खयाल ही है
ये हक़ीकत जो कोई समझ ले
उसकी ज़िन्दगी सुखदायक रहे
Music now Playing "River of life"
Composed & Played by John Torp
Used with Permission
Background by John Torp
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