कभी सोचा नहि था

 

सच है की हमने ऐसा

ज़रा भी ना सोचा था

कि जीवनमें एक दिन

अचानक ऐसा आयेगा

 

जब आप हम सबसे

ले लोगे आखरी विदा

और चल दोगे अपने

अज्ञात अनंत प्रयाण

 

काश एक पल आप

पलटकर हमे देखते

हाय कैसी है हालत

जो दिन-रैन बिलखे

 

करते विलाप अपार

दुःखी बेचैन बेजान

परेशान मन लाचार

कोई भी आस कहां

 

नसीबके क्रूर खेलने

किया है अपने बीच

अमिट गहन फासला

लगे है विधि विधान

 

और होश खोकर मन

भले कितना ही तरसे

या विपत पीडमें सूखे

पर केवल निर्बल बने

 

सच है की अपनोंको

खोनेका कठीन गम

सहेना बेहद भारी है

कारण मन उदास है

 

सो ये अटल होनीको

जब स्वीकार कर लो

तो ही दुःखद दशासे

धीरे धीरे उभर सको

 

खामोश पलोमें चिंतन

करनेसे बिते लमहोकी

मधुर यादोंका खजाना

जरूर ही मिल पायेगा

 

जो सुनसान जीवनमें

नई शक्ति जोश भरके

अशांत मन शांत कर

मित्र सा सहायक बने

 

समय चक्र रीत दिखे

जिसे हम सब आधीन

उस फेरमें कोई पहले

कोई बादमें जग छोडे

 

और किसका भी यहां

कायम मुकाम नहीं है

जो कुछ नियत लेखा

कभी नहीं बदल सके

 

वक्त भी अपने तरीके

मनकी सहज मनसा

और इंतज़ार दूर करे

ताकि आगे बढ सके

 

याद रहे सच्चा प्यार

आत्म-रूप अपनोंको

निज ममता बंधनसे

खुशीसे मुक्त कर चहे

उन्हॆं दिव्य स्थान प्राप्ति हो

 

 

Music now Playing "You are all that I care for"

Composed & Played by John Torp

 

http://www.johntorpmusic.se

 

Used with Permission

 

Background by John Torp

 

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