
सुहाना समाँ मुबारक हो
बधाई हो आप सबको
पाया कुछ सुहाने पलको
जी भर कर खुश हो लेना
पता नहीँ कब ऐसा मौका
कल फिर नसीब हो न हो
चुरा लेना मनचाही खुशी
भाग्यके खुले खजानेसे
देवगण मेहरबान लगते हैं
विलंब करना अच्छा नहीं
संभालके रखना मधुर यादें
दिलके किसी खास कोनेमें
ताकि जब कभी तुम चाहो
मनसे वही लमहा जी सको
इच्छित वक्तका भरोसा नहीं
पानेकी आसमें कभी कभी
उम्र चुपकेसे निकल चले
सो जो आज खुशी मिली
तुरंत उसमें खुशहाल बनो
Music now Playing "Dancing with joy"
Composed & Played by John Torp
Used with Permission
Background "natfl025.jpg" taken from
Page views
.